T20 World Cup 2026: आईसीसी पुरुष T20 वर्ल्ड कप 2026 अपने सबसे रोमांचक चरण में पहुंच चुका है। ग्रुप स्टेज अब समाप्ति की ओर है और टूर्नामेंट की तस्वीर धीरे-धीरे साफ होती जा रही है।
अब तक पांच टीमें सुपर आठ में अपनी जगह पक्की कर चुकी हैं, जबकि कई मजबूत टीमें अभी भी जीत, हार और नेट रन रेट के जटिल समीकरणों में उलझी हुई हैं। हर मुकाबला अब नॉकआउट जैसा महसूस हो रहा है और एक छोटी-सी चूक पूरे अभियान को खत्म कर सकती है।
ग्रुप स्टेज के आखिरी दौर में रोमांच चरम पर, कई टीमें अब भी गणनाओं के सहारे
इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि कौन-सी टीमें क्वालिफाई कर चुकी हैं, कौन अभी भी दौड़ में बनी हुई हैं और किन टीमों का सफर ग्रुप स्टेज में ही समाप्त हो गया है।
ICC मेन्स T20 वर्ल्ड कप 2026 पॉइंट्स टेबल
ग्रुप A
| रैंक | टीम | मैच | जीते | हारे | बिना परिणाम | अंक | NRR |
| 1 | भारत (क्वालिफाई) | 3 | 3 | 0 | 0 | 6 | +3.050 |
| 2 | USA | 4 | 2 | 2 | 0 | 4 | +0.787 |
| 3 | पाकिस्तान | 3 | 2 | 1 | 0 | 4 | -0.403 |
| 4 | नीदरलैंड्स | 3 | 1 | 2 | 0 | 2 | -1.352 |
| 5 | नामीबिया (एलिमिनेटेड) | 3 | 0 | 3 | 0 | 0 | -2.443 |
ग्रुप B
| रैंक | टीम | मैच | जीते | हारे | बिना परिणाम | अंक | NRR |
| 1 | श्रीलंका (क्वालिफाई) | 3 | 3 | 0 | 0 | 6 | +2.462 |
| 2 | जिम्बाब्वे | 2 | 2 | 0 | 0 | 4 | +1.984 |
| 3 | ऑस्ट्रेलिया | 3 | 1 | 2 | 0 | 2 | +0.414 |
| 4 | आयरलैंड | 3 | 1 | 2 | 0 | 2 | +0.150 |
| 5 | ओमान (एलिमिनेटेड) | 3 | 0 | 3 | 0 | 0 | -4.546 |
ग्रुप C
| रैंक | टीम | मैच | जीते | हारे | बिना परिणाम | अंक | NRR |
| 1 | वेस्टइंडीज (क्वालिफाई) | 3 | 3 | 0 | 0 | 6 | +1.820 |
| 2 | इंग्लैंड (क्वालिफाई) | 4 | 3 | 1 | 0 | 6 | +0.201 |
| 3 | स्कॉटलैंड (एलिमिनेटेड) | 3 | 1 | 2 | 0 | 2 | +0.359 |
| 4 | इटली (एलिमिनेटेड) | 3 | 1 | 2 | 0 | 2 | -0.588 |
| 5 | नेपाल (एलिमिनेटेड) | 3 | 0 | 3 | 0 | 0 | -1.942 |
ग्रुप D
| रैंक | टीम | मैच | जीते | हारे | बिना परिणाम | अंक | NRR |
| 1 | दक्षिण अफ्रीका (क्वालिफाई) | 3 | 3 | 0 | 0 | 6 | +1.477 |
| 2 | न्यूजीलैंड | 3 | 2 | 1 | 0 | 4 | +0.701 |
| 3 | अफगानिस्तान | 3 | 1 | 2 | 0 | 2 | -0.215 |
| 4 | UAE | 3 | 1 | 2 | 0 | 2 | -0.797 |
| 5 | कनाडा | 2 | 0 | 2 | 0 | 0 | -1.526 |
सुपर आठ में पहुंचने वाली टीमें

भारत – संतुलन और आत्मविश्वास की मिसाल
डिफेंडिंग चैंपियन भारत ने ग्रुप A में अब तक का सबसे प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। तीन में तीन जीत के साथ भारत ने न सिर्फ सुपर आठ में जगह बनाई, बल्कि यह भी दिखा दिया कि क्यों उसे खिताब का सबसे बड़ा दावेदार माना जा रहा है।
पाकिस्तान के खिलाफ कोलंबो में मिली 61 रन की जीत भारत के अभियान का टर्निंग पॉइंट साबित हुई। इससे पहले अमेरिका के खिलाफ शुरुआती मुकाबले में टीम मुश्किल में जरूर दिखी, लेकिन कप्तान Suryakumar Yadav की नाबाद 84 रन की पारी ने भारत को संकट से बाहर निकाल लिया।
नामिबिया के खिलाफ Hardik Pandya का ऑल-राउंड प्रदर्शन और पाकिस्तान के खिलाफ Ishan Kishan की विस्फोटक पारी इस बात का सबूत है कि भारतीय टीम में हर मैच कोई नया हीरो सामने आ रहा है। बल्लेबाज़ी, गेंदबाज़ी और फील्डिंग—तीनों विभागों में भारत पूरी तरह संतुलित नजर आ रहा है।
श्रीलंका – घरेलू हालात का पूरा फायदा
को-होस्ट श्रीलंका इस वर्ल्ड कप की सबसे बड़ी सरप्राइज पैकेज टीम बनकर उभरी है। आयरलैंड के खिलाफ सधी हुई जीत से शुरुआत करने के बाद टीम का आत्मविश्वास लगातार बढ़ता चला गया।
ओमान के खिलाफ 105 रन की विशाल जीत में पवन रत्नायके और कुसल मेंडिस ने बल्लेबाज़ी का शानदार नमूना पेश किया। लेकिन असली धमाका ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ देखने को मिला, जब Pathum Nissanka ने नाबाद 100 रन की ऐतिहासिक पारी खेली। इस जीत ने न सिर्फ श्रीलंका को सुपर आठ में पहुंचाया, बल्कि पूरे क्रिकेट जगत को यह संदेश भी दे दिया कि यह टीम अब किसी से कम नहीं।
वेस्टइंडीज – पावर हिटिंग का पुराना जलवा
वेस्टइंडीज की पहचान हमेशा से आक्रामक बल्लेबाज़ी रही है और इस वर्ल्ड कप में भी कुछ अलग देखने को नहीं मिला। स्कॉटलैंड और नेपाल को हराने के बाद इंग्लैंड के खिलाफ मिली जीत ने उनकी क्वालिफिकेशन पक्की कर दी।
इंग्लैंड के खिलाफ 196 रन का स्कोर खड़ा करना और फिर उन्हें 166 पर समेट देना एक स्टेटमेंट परफॉर्मेंस था। गेंदबाज़ी में रोमारियो शेफर्ड और जेसन होल्डर ने भी अहम योगदान दिया।
दिलचस्प बात यह है कि 2016 की खिताबी जीत के कप्तान Daren Sammy अब कोच के रूप में टीम का मार्गदर्शन कर रहे हैं और एक बार फिर इतिहास दोहराने का सपना देख रहे हैं।
दक्षिण अफ्रीका – ताकत के साथ धैर्य
दक्षिण अफ्रीका ने इस बार खुद को सिर्फ ताकतवर ही नहीं, बल्कि मानसिक रूप से भी मजबूत साबित किया है। कनाडा के खिलाफ आसान जीत के बाद अफगानिस्तान के खिलाफ दो सुपर ओवर तक खिंचा मुकाबला जीतना उनके धैर्य की परीक्षा था।
न्यूज़ीलैंड के खिलाफ कप्तान Aiden Markram की 86 रन की तूफानी पारी ने यह साबित कर दिया कि प्रोटियाज इस बार अधूरा काम पूरा करने के इरादे से आए हैं।
इंग्लैंड – लड़खड़ाते हुए लेकिन आगे
इंग्लैंड का सफर अब तक उतार-चढ़ाव भरा रहा है। नेपाल और इटली के खिलाफ करीबी मुकाबले, स्कॉटलैंड के खिलाफ जीत और वेस्टइंडीज से हार—इन सबके बावजूद इंग्लैंड ने किसी तरह सुपर आठ में जगह बना ली।
इटली के खिलाफ 105/5 से उबरकर 202 रन तक पहुंचना इंग्लैंड की बल्लेबाज़ी गहराई का बड़ा उदाहरण रहा, जिसमें ऑल-राउंडर्स ने अहम भूमिका निभाई।
अभी भी रेस में बनी टीमें
पाकिस्तान, न्यूज़ीलैंड, जिम्बाब्वे, USA, अफगानिस्तान, नीदरलैंड्स और कनाडा जैसी टीमें अब भी उम्मीदें लगाए बैठी हैं।
- पाकिस्तान के लिए आखिरी मैच जीतना बेहद जरूरी है
- न्यूज़ीलैंड को कनाडा के खिलाफ जीत से सीधा रास्ता मिलेगा
- अफगानिस्तान और नीदरलैंड्स को बड़े अंतर से जीत के साथ दूसरी टीमों के नतीजों पर निर्भर रहना होगा
यह चरण वर्ल्ड कप का सबसे तनावपूर्ण दौर साबित हो रहा है।
बाहर हो चुकी टीमें
इटली, नामिबिया, ओमान, नेपाल और स्कॉटलैंड का सफर ग्रुप स्टेज में ही समाप्त हो गया है। हालांकि, इटली और नेपाल जैसी टीमों ने अपने साहसी प्रदर्शन से यह साबित किया कि आने वाले वर्षों में वे और मजबूत होकर लौट सकती हैं।
ग्रुप स्टेज के आखिरी मुकाबले अब सुपर आठ की अंतिम तस्वीर तय करेंगे। जहां पांच टीमें आगे बढ़ चुकी हैं, वहीं बाकी टीमों के लिए हर गेंद, हर रन और हर ओवर निर्णायक बन चुका है। T20 वर्ल्ड कप 2026 ने अब तक रोमांच, उलटफेर और शानदार क्रिकेट का पूरा डोज़ दिया है—और असली जंग अभी बाकी है।
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