
T20 World Cup: टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सियासी और प्रशासनिक हलचल तेज़ हो गई है। बांग्लादेश और ICC के बीच चल रहे विवाद ने अब पाकिस्तान को भी फैसले के कठघरे में खड़ा कर दिया है।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच पाकिस्तान के पूर्व कप्तान राशिद लतीफ ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) से बड़ा कदम उठाने की अपील की है — टी20 वर्ल्ड कप का बहिष्कार।
बांग्लादेश-ICC विवाद की जड़ क्या है?

दरअसल, बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने भारत में खेले जाने वाले टी20 वर्ल्ड कप मुकाबलों को लेकर सुरक्षा चिंताएं जताई थीं। BCB की मांग थी कि उनके मैच श्रीलंका में शिफ्ट किए जाएं।
हालांकि, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने साफ कर दिया कि टूर्नामेंट का मूल शेड्यूल बरकरार रहेगा और किसी तरह का बदलाव नहीं किया जाएगा।
ICC ने बांग्लादेश को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि वह अपनी सरकार से बातचीत कर अंतिम फैसला बताए। इस फैसले ने क्रिकेट जगत में नई बहस को जन्म दे दिया है।
राशिद लतीफ का बड़ा बयान
पूर्व पाकिस्तानी कप्तान राशिद लतीफ ने इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। एक यूट्यूब चैनल पर बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि यह मौजूदा क्रिकेट व्यवस्था को चुनौती देने का सुनहरा मौका है।
लतीफ के अनुसार,
“अगर पाकिस्तान और भारत नहीं खेलते, तो वर्ल्ड कप का 50 प्रतिशत महत्व खत्म हो जाएगा। पाकिस्तान के पास अब भी सबसे मजबूत पत्ता है।”
उन्होंने PCB से आग्रह किया कि पाकिस्तान को बांग्लादेश के साथ एकजुटता दिखाते हुए टूर्नामेंट में हिस्सा लेने से इनकार कर देना चाहिए।
पाकिस्तान की भूमिका क्यों अहम है?
क्रिकेट की वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत-पाकिस्तान मुकाबला सबसे बड़ा आकर्षण माना जाता है। यदि पाकिस्तान टूर्नामेंट से हटता है, तो न केवल ICC को भारी नुकसान होगा, बल्कि पूरे आयोजन की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े हो सकते हैं।
लतीफ का मानना है कि सिर्फ बयान देने से कुछ नहीं होगा। अब समय आ गया है कि पाकिस्तान अपने रुख को ठोस फैसले में बदले।
ICC के फैसले पर सवाल
राशिद लतीफ ने ICC के उस बयान पर भी सवाल उठाए, जिसमें कहा गया था कि भारत में बांग्लादेशी खिलाड़ियों को कोई खतरा नहीं है। उन्होंने कहा कि दुनिया की कोई भी एजेंसी यह गारंटी नहीं दे सकती कि किसी देश में शून्य खतरा है।
उन्होंने यह भी याद दिलाया कि अतीत में भारत और पाकिस्तान ने एक-दूसरे के देश में खेलने से इनकार किया था, तब वैकल्पिक व्यवस्था की गई थी। ऐसे में बांग्लादेश की मांग को खारिज करना दोहरा मापदंड दर्शाता है।
क्या पाकिस्तान को नुकसान होगा?
इस पूरे विवाद में एक बड़ा सवाल यह भी है कि यदि पाकिस्तान वर्ल्ड कप से हटता है, तो क्या उसे भविष्य में ICC प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा? खुद राशिद लतीफ ने माना कि ऐसा संभव है, लेकिन उनके मुताबिक यह कीमत मौजूदा क्रिकेट व्यवस्था को चुनौती देने के लिए चुकानी होगी।
ग्रुप और टूर्नामेंट की स्थिति
टी20 वर्ल्ड कप 2026 का आयोजन 7 फरवरी से 8 मार्च तक भारत और श्रीलंका में प्रस्तावित है।
- बांग्लादेश को ग्रुप C में इंग्लैंड, नेपाल, इटली और वेस्टइंडीज के साथ रखा गया है।
- पाकिस्तान ग्रुप A में भारत, नामीबिया, नीदरलैंड्स और अमेरिका के साथ है।
निष्कर्ष
यह विवाद सिर्फ एक टीम की सुरक्षा चिंताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शक्ति संतुलन और निर्णय प्रक्रिया पर भी सवाल खड़ा करता है। आने वाले दिनों में PCB और BCB का फैसला यह तय करेगा कि टी20 वर्ल्ड कप केवल क्रिकेट का उत्सव रहेगा या फिर राजनीति और विवादों की भेंट चढ़ जाएगा।
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