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MS Dhoni: महेन्द्र सिंह धोनी क्यों बने महान क्रिकेटर, आकाश चोपड़ा ने 19 साल पहले का एक किस्सा सुनाकर बतायी वजह

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MS Dhoni:  भारतीय क्रिकेट में महेन्द्र सिंह धोनी वो नाम है, जिसमें कुछ अलग ही अहसास है। भारत के इस पूर्व कप्तान का जब भी जिक्र होता है, फैंस के मन में कुछ खास तरह की फिलिंग्स बाहर निकलती है। टीम इंडिया के इस पूर्व दिग्गज विकेटकीपर बल्लेबाज ने बतौर कप्तान और विकेटकीपर बल्लेबाज के तौर पर वो मुकाम हासिल किया है, जो कईं खिलाड़ियों के लिए तो केवल सपना ही बनकर रह जाता है। आज भले ही धोनी संन्यास लें चुके हैं, लेकिन उनकी महानता किसी से कम नहीं है।

MS DHONI
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धोनी के करियर की शुरुआत में दिनेश कार्तिक थे उनके प्रतिस्पर्धी

भारतीय क्रिकेट में 2004 में एन्ट्री करने वाले इस दिग्गज खिलाड़ी में ऐसी प्रतिभा देखी गई कि 2007 आते-आते उन्हें टीम की कमान भी सौंप दी गई। इसी से साबित होता है कि उनमें कुछ खास बात थी। धोनी ने जब भारत ए में प्रवेश किया, उनकी प्रतिस्पर्धा दिनेश कार्तिक के साथ थी, कार्तिक उस वक्त सेलेक्टर की नंबर वन पसंद थे। ऐसे में धोनी को कार्तिक को पछाड़ना था। लेकिन धोनी दिनेश कार्तिक को अपना प्रतिस्पर्धी नहीं मानते थे, बल्कि वो खुद से ही अपनी कंपीटिशन करते थे।

MS Dhoni
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धोनी दिनेश कार्तिक को नहीं बल्कि खुद से करते थे प्रतिस्पर्धा

महेन्द्र सिंह धोनी ने उस दौरान दिखाया कि वो खुद से ही प्रतिस्पर्धा करके आगे आ सकते हैं, और भाग्य ने भी उनका साथ दिया, जहां एक तरफ कार्तिक को मौका मिलना बंद हो गए और धोनी को लगातार मौके मिले और उन मौके को उन्होंने खूब भुनाया और आज एक महान क्रिकेटर बने। उनकी खुद से कंपीटिशन की बात को लेकर भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज आकाश चोपड़ा ने 19 साल पुराना किस्सा सुनाया और बताया कि धोनी क्यों महान बने।

आकाश चोपड़ा ने धोनी की सफलता का कारण भी खुद से प्रतिस्पर्धा को बताया

आकाश चोपड़ा ने इस वीडियो में कहा कि, “साल 2004 का इंडिया ए  का जिम्बाब्वे और केन्या का दौरा, धोनी उस दौरे पर रिजर्व कीपर के तौर पर गए थे। दिनेश कार्तिक बतौर विकेटकीपर थे जो प्लेइंग इलेवन का हिस्सा थे। धोनी नेट पर दिनेश कार्तिक को गेंदबाजी करा रहे होते हैं। तब मैं माही से कहता हूं कि, आप गेंदबाजी क्यों कर रहे हो, वो आपके प्रतिद्वंदी हैं। अगर वो अच्छा करते रहेंगे तो आप को मौका नहीं मिलेगा। वैसे भी आप तो बॉलर हैं नहीं, आपको तो विकेटकीपिंग और बैटिंग करनी चाहिए। जाकर बैटिंग करो विकेटकीपिंग करो, तब धोनी ने कहा, मुझे मत रोकिए, मुझे बॉलिंग करनी है, आपको भी बैटिंग करनी है तो कर लिजिए, लेकिन मैं गेंदबाजी करना चाहता हूं।”

इसके बाद आकाश चोपड़ा ने आगे कहा कि, “अब जब पीछे मुड़कर देखता हूं तो मुझे उस घटना का मतलब समझ में आता है। धोनी वहां किसी से कंपटीशन नहीं कर रहे थे और ना ही दिनेश कार्तिक से, धोनी का कंपटीशन सिर्फ उन्हीं से था। यही कारण है कि आज धोनी दुनिया के महान क्रिकेटर में से हैं। वो जहां पहुंचे हैं वो अपनी वजह से पहुंचे हैं।”