
2026 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास: भारतीय क्रिकेट इस समय तेज़ बदलाव के दौर से गुजर रहा है। हर फॉर्मेट में युवा और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की भरमार है, जो सीनियर खिलाड़ियों की जगह लेने के लिए लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं।
ऐसे में कई अनुभवी क्रिकेटरों के लिए अंतरराष्ट्रीय टीम में अपनी जगह बनाए रखना अब पहले से कहीं ज़्यादा चुनौतीपूर्ण हो गया है।
आधुनिक क्रिकेट में संन्यास अक्सर अचानक नहीं आता। यह धीरे-धीरे घटते मौकों, फिटनेस चुनौतियों और चयनकर्ताओं के बदले हुए रुख के साथ सामने आता है। 2026 वह साल हो सकता है जब भारतीय क्रिकेट के कुछ बड़े नाम अपने अंतरराष्ट्रीय करियर पर विराम लगा दें।
आइए जानते हैं पांच भारतीय क्रिकेटरों के बारे में जो 2026 में अंतरराष्ट्रीय संन्यास की घोषणा कर सकते हैं।
शार्दुल ठाकुर

शार्दुल ठाकुर को उनके अहम मौकों पर किए गए योगदान के लिए जाना जाता है, चाहे वह गेंद से हो या बल्ले से। हालांकि, टीम इंडिया में उनकी जगह हमेशा स्थायी नहीं रही है।
अब 33 साल की उम्र में, युवा तेज़ गेंदबाज़ों की बढ़ती फौज के बीच शार्दुल के लिए नियमित चयन कठिन होता जा रहा है। अगर 2026 में भी उन्हें सीमित मौके मिलते हैं, तो वह खुद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दूरी बनाने का फैसला कर सकते हैं।
मोहम्मद शमी

मोहम्मद शमी पिछले एक दशक से भारत के सबसे भरोसेमंद तेज़ गेंदबाज़ों में रहे हैं। स्विंग और सीम मूवमेंट के साथ विकेट निकालने की उनकी क्षमता ने भारत को कई अहम जीत दिलाई हैं, खासकर ICC टूर्नामेंट्स में।
हालांकि, 2023 वनडे वर्ल्ड कप के बाद से शमी की अंतरराष्ट्रीय मौजूदगी कम होती चली गई है। बार-बार की चोटें और फिटनेस समस्याएं उनकी वापसी में बड़ी बाधा बनी हैं। 35 वर्ष की उम्र में, जब टीम मैनेजमेंट युवा तेज़ गेंदबाज़ों पर निवेश कर रहा है, शमी के लिए नियमित चयन आसान नहीं दिखता।
अगर उन्हें मौके नहीं मिले, तो 2026 शमी के अंतरराष्ट्रीय करियर का अंतिम अध्याय बन सकता है।
अजिंक्य रहाणे

अजिंक्य रहाणे भारतीय टेस्ट क्रिकेट का एक सम्मानित नाम रहे हैं। विदेशों में उनके प्रदर्शन और शांत नेतृत्व को आज भी याद किया जाता है, खासकर ऑस्ट्रेलिया में भारत की ऐतिहासिक जीत के लिए।
हालांकि, 37 वर्षीय रहाणे का आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच 2023 में आया था। घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद चयनकर्ता अब युवा बल्लेबाज़ों पर भरोसा जता रहे हैं।
ऐसे में 2026 वह साल हो सकता है जब रहाणे औपचारिक रूप से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा करें।
युजवेंद्र चहल

युजवेंद्र चहल कभी भारत के सीमित ओवरों के सबसे अहम स्पिन हथियारों में से एक थे। लेकिन 2023 के बाद से वह भारतीय टीम से बाहर हैं, बावजूद इसके कि उन्होंने घरेलू क्रिकेट और IPL में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है।
35 साल की उम्र में चहल को कुलदीप यादव और वॉशिंगटन सुंदर जैसे युवा और ऑल-राउंड विकल्पों से कड़ी प्रतिस्पर्धा मिल रही है। चयनकर्ताओं का झुकाव अब ऐसे स्पिनरों की ओर है जो बल्लेबाज़ी में भी योगदान दे सकें।
इन हालातों में 2026 चहल के अंतरराष्ट्रीय सफर का स्वाभाविक अंत साबित हो सकता है।
रविंद्र जडेजा

रविंद्र जडेजा भारत के सबसे सफल ऑल-राउंडरों में गिने जाते हैं। उन्होंने पहले ही T20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया है, और अब वनडे व टेस्ट में भी उनकी भूमिका धीरे-धीरे सीमित होती जा रही है।
37 वर्ष की उम्र में जडेजा अब भी प्रभावी हैं, लेकिन युवा ऑल-राउंडरों के उभार और वर्कलोड मैनेजमेंट के चलते उनके मौके कम हो सकते हैं।
अगर चयन के अवसर और घटते हैं, तो 2026 में जडेजा भी अंतरराष्ट्रीय संन्यास की ओर कदम बढ़ा सकते हैं, जबकि घरेलू और लीग क्रिकेट में उनका योगदान जारी रह सकता है।
भारतीय क्रिकेट का भविष्य उज्ज्वल है, लेकिन बदलाव के इस दौर में कुछ भावनात्मक विदाइयां भी तय हैं। 2026 कई अनुभवी भारतीय क्रिकेटरों के लिए अंतरराष्ट्रीय करियर का अंतिम पड़ाव साबित हो सकता है।
इन खिलाड़ियों ने भारतीय क्रिकेट को ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है, और जब भी वे संन्यास लेंगे, उनकी विरासत हमेशा याद रखी जाएगी।
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