क्रिकेट इतिहास का सुनहरा दिन: जब इंग्लैंड ने दर्ज की पहली पारी की जीत

क्रिकेट इतिहास का सुनहरा दिन: क्रिकेट के इतिहास में कुछ ऐसे पल होते हैं जो खेल की दिशा और पहचान दोनों बदल देते हैं।

19 जनवरी 1883 का दिन ऐसा ही एक ऐतिहासिक दिन था, जब मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) पर इंग्लैंड ने टेस्ट क्रिकेट के इतिहास की पहली पारी की जीत दर्ज की।

यह मुकाबला 1882-83 एशेज सीरीज़ का दूसरा टेस्ट था और यहीं से इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच प्रतिद्वंद्विता की कहानी और भी गहरी हो गई।

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England Cricket Team

एशेज की पृष्ठभूमि

तीन मैचों की इस सीरीज़ का पहला टेस्ट ऑस्ट्रेलिया ने जीता था। ऐसे में इंग्लैंड के लिए यह मुकाबला केवल बराबरी करने का मौका नहीं था, बल्कि सम्मान और प्रतिष्ठा की लड़ाई भी था। मेलबर्न की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में टॉस जीतकर इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाज़ी करने का फैसला किया।

इंग्लैंड की मजबूत शुरुआत

इंग्लैंड की टीम ने 294 रन बनाकर मज़बूत स्थिति हासिल की। चार्ल्स लेस्ली ने 54 रन की अहम पारी खेली, जबकि वॉल्टर रीड ने शानदार 75 रन बनाए।

ऑलराउंडर बिली बेट्स ने 55 रन की उपयोगी पारी खेलकर टीम को ठोस स्कोर तक पहुँचाया। उस दौर में यह स्कोर बेहद प्रतिस्पर्धी माना जाता था।

गेंदबाज़ी में कहर — बिली बेट्स का ऐतिहासिक प्रदर्शन

हालांकि असली कहानी बल्ले से नहीं, बल्कि गेंद से लिखी गई। ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी महज़ 114 रन पर सिमट गई।

इंग्लैंड के गेंदबाज़ बिली बेट्स ने कहर बरपाते हुए 7 विकेट सिर्फ 28 रन देकर लिए। उन्होंने लगातार तीन बल्लेबाज़ों को आउट कर टेस्ट क्रिकेट के शुरुआती हैट्रिक में से एक भी अपने नाम की।

फॉलो-ऑन और इंग्लैंड की पकड़

ऑस्ट्रेलिया को फॉलो-ऑन खेलने के लिए मजबूर होना पड़ा। दूसरी पारी में मेजबान टीम ने थोड़ा संघर्ष दिखाया, लेकिन इंग्लैंड की पकड़ ढीली नहीं हुई। एक बार फिर बेट्स ने कमाल करते हुए 7 विकेट (7/74) झटके। ऑस्ट्रेलिया की पूरी टीम 153 रन पर आउट हो गई।

ऐतिहासिक जीत

इस तरह इंग्लैंड ने पारी और 27 रन से जीत दर्ज की — जो टेस्ट क्रिकेट इतिहास की पहली पारी की जीत बनी। यह उपलब्धि न केवल उस समय बड़ी थी, बल्कि आने वाले वर्षों के लिए एक मानक भी बन गई।

बिली बेट्स का अनोखा रिकॉर्ड

बेट्स ने इस मैच में 55 रन बनाने के साथ कुल 14 विकेट लिए। एक ही टेस्ट में अर्धशतक और 10 से अधिक विकेट लेने का कारनामा उस दौर में अभूतपूर्व था और आज भी इसे महान ऑलराउंड प्रदर्शन में गिना जाता है।

विरासत और महत्व

यह मुकाबला केवल एक जीत नहीं था, बल्कि टेस्ट क्रिकेट के विकास का प्रतीक था। इस जीत ने एशेज प्रतिद्वंद्विता की नींव को और मजबूत किया और इंग्लैंड-ऑस्ट्रेलिया मुकाबलों को एक नई पहचान दी।

एक सदी से भी अधिक समय बाद भी क्रिकेट प्रेमी इस मैच को खेल की शुरुआती महान उपलब्धियों में गिनते हैं — जहां जुनून, कौशल और संघर्ष ने इतिहास रच दिया।

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Ankaj Jha

Ankaj Jha एक अनुभवी खेल लेखक हैं, जिन्हें 10+ वर्षों का अनुभव है और वे क्रिकेट, फुटबॉल व WWE पर भरोसेमंद व तथ्यात्मक लेखन करते हैं। वे hindi.icccricketschedule.com पर हिंदी पाठकों के लिए तेज़, सटीक और विश्वसनीय खेल समाचार प्रस्तुत करते हैं।