
WPL 2026 Final: यह मुकाबला वीमेंस प्रीमियर लीग 2026 के सबसे यादगार फाइनल्स में से एक बन गया। वडोदरा के बीसीए स्टेडियम में खेला गया यह हाई-स्कोरिंग मुकाबला आखिरी ओवरों तक रोमांच से भरा रहा, जहां रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने दिल्ली कैपिटल्स (DC) को 6 विकेट से हराकर खिताब अपने नाम कर लिया।
रन, चौके, छक्के, तेज स्ट्राइक रेट और दबाव में बड़े शॉट — इस मैच में टी20 क्रिकेट का हर रंग देखने को मिला। दोनों टीमों के बीच हुई इस कड़ी टक्कर ने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा और बेंगलुरु की इस शानदार जीत ने इतिहास रच दिया।

दिल्ली कैपिटल्स की दमदार बल्लेबाज़ी
पहले बल्लेबाज़ी करते हुए दिल्ली कैपिटल्स ने 20 ओवर में 203/4 का विशाल स्कोर खड़ा किया। यह फाइनल का दबाव नहीं बल्कि एक लीग मैच जैसी बेखौफ बल्लेबाज़ी लग रही थी।
लिज़ेल ली ने पारी की शुरुआत आक्रामक अंदाज़ में की। उन्होंने 30 गेंदों पर 37 रन बनाए, जिसमें 3 चौके और 3 छक्के शामिल थे। उन्होंने पावरप्ले में रनगति को तेज रखने का काम किया।
शेफाली वर्मा ने अपने अंदाज़ के मुताबिक तेजी से 13 गेंदों पर 20 रन जोड़े। हालांकि वह बड़ी पारी नहीं खेल सकीं, लेकिन उन्होंने शुरुआती मोमेंटम सेट कर दिया।
इसके बाद आई क्लासिक साझेदारी —
लौरा वोल्वार्ड्ट (44 रन, 25 गेंद) और
जेमिमा रोड्रिग्स (57 रन, 37 गेंद)
दोनों ने मिलकर पारी को संभाला और रनरेट गिरने नहीं दिया। वोल्वार्ड्ट ने टाइमिंग से रन बनाए, जबकि जेमिमा ने गैप ढूंढकर बाउंड्रीज निकालीं। जेमिमा की पारी में 8 चौके शामिल थे और उन्होंने कप्तानी पारी खेलते हुए टीम को 180 के पार पहुंचाने की नींव रखी।
अंत में चिनेल हेनरी ने फिनिशर की भूमिका निभाई। 15 गेंदों पर नाबाद 35 रन — स्ट्राइक रेट 233 से भी ज्यादा! 4 चौके और 2 छक्कों ने दिल्ली को 200 के पार पहुंचा दिया।
RCB के गेंदबाज़ों के लिए यह रात आसान नहीं थी, लेकिन उन्होंने अंतिम ओवरों में नुकसान सीमित रखा।
RCB की जवाबी पारी — स्मृति मंधाना का शो
204 रन का लक्ष्य फाइनल में आसान नहीं होता, लेकिन RCB की कप्तान स्मृति मंधाना ने इसे संभव कर दिखाया।
शुरुआत थोड़ी धीमी रही जब ग्रेस हैरिस सिर्फ 9 रन बनाकर आउट हो गईं। दिल्ली को लगा कि शुरुआती विकेट उन्हें मैच में वापस ला सकता है।
लेकिन इसके बाद मैदान पर जो हुआ, वह पूरी तरह मंधाना शो था।
स्मृति मंधाना – फाइनल की असली स्टार
87 रन, 41 गेंद, 12 चौके, 3 छक्के, स्ट्राइक रेट 212
मंधाना ने कवर ड्राइव, पुल, फ्लिक — हर शॉट में क्लास और पावर दोनों दिखाए। उन्होंने दिल्ली के हर प्रमुख गेंदबाज़ पर हमला बोला। स्पिन हो या पेस — कोई भी लाइन पकड़ नहीं पाया।
उनकी पारी ने लक्ष्य का दबाव पूरी तरह खत्म कर दिया। हर ओवर में बाउंड्री आ रही थी, और रन रेट लगातार 10 से ऊपर बना रहा।
जॉर्जिया वोल की समझदारी भरी पारी
जब मंधाना आक्रामक थीं, तब दूसरी तरफ जॉर्जिया वोल (79 रन, 54 गेंद) ने एंकर की भूमिका निभाई।
14 चौकों के साथ उन्होंने स्ट्राइक रोटेट की और जरूरत पड़ने पर बड़े शॉट लगाए। उनकी और मंधाना की साझेदारी मैच की निर्णायक साझेदारी साबित हुई। दोनों ने मिलकर दिल्ली के गेंदबाज़ों का आत्मविश्वास तोड़ दिया।
दिल्ली की वापसी की कोशिश
दिल्ली ने हार नहीं मानी।
चिनेल हेनरी ने दो बड़े विकेट लेकर मैच में हलचल मचाई — पहले ग्रेस हैरिस, फिर स्मृति मंधाना।
इसके बाद जॉर्जिया वोल भी आउट हुईं और कुछ पल के लिए मुकाबला खुल गया। लेकिन…
RCB की शांत फिनिशिंग
रिचा घोष जल्दी आउट हो गईं, लेकिन निचले क्रम में नादिन डी क्लर्क (नाबाद 7) और राधा यादव (नाबाद 12, 5 गेंद) ने मैच खत्म कर दिया।
राधा यादव की 240 की स्ट्राइक रेट वाली कैमियो पारी ने मैच पर आखिरी मुहर लगा दी। RCB ने 19.4 ओवर में 204/4 बनाकर खिताब जीत लिया।
मैच का टर्निंग पॉइंट
टर्निंग पॉइंट था स्मृति मंधाना की आक्रामक बल्लेबाज़ी।
अगर वह 40–50 रन पर रुक जातीं, तो मैच का दबाव RCB पर आ सकता था। लेकिन उन्होंने मैच को एकतरफा बना दिया।
क्यों याद रखा जाएगा यह फाइनल?
- दोनों टीमों ने 200+ स्कोर बनाए
- कप्तानों ने शानदार पारियां खेलीं
- फाइनल में 10+ रन रेट से चेज़
- क्लास + पावर का परफेक्ट मिश्रण
यह सिर्फ एक जीत नहीं, बल्कि T20 बल्लेबाज़ी का मास्टरक्लास था।
प्लेयर ऑफ द मैच
बिना किसी शक के — स्मृति मंधाना
उनकी 87 रन की पारी ने फाइनल का रुख तय किया।
निष्कर्ष
दिल्ली कैपिटल्स ने 203 का स्कोर बनाकर मजबूत दावेदारी पेश की, लेकिन RCB की बल्लेबाज़ी लाइन-अप ने दिखा दिया कि फाइनल बड़े खिलाड़ियों का मंच होता है। स्मृति मंधाना की कप्तानी पारी, जॉर्जिया वोल का धैर्य और अंत में शांत फिनिशिंग — यही RCB की ट्रॉफी जीतने की कहानी है।
यह फाइनल आने वाले वर्षों तक याद किया जाएगा — रन, रोमांच और रिकॉर्ड्स के लिए।
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